Covid Delta Plus Variant: क्या है कोविड-19 का डेल्टा प्लस वैरिएंट
डेल्टा वैरिएंट यानी B.1.617.2 जो सबसे पहले भारत में मिला, फिर धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी पाया गया। इसके रूप में बदलावों के कारण डेल्टा प्लस वैरिएंट बना है। यह सबसे पहले यूरोप में मिला था। स्पाइक प्रोटीन कोरोना वायरस का अहम हिस्सा है। इसकी मदद से ही वायरस मानव शरीर में घुसकर संक्रमण फैलाता है।
सुपर-स्प्रेडर है डेल्टा प्लस वैरिएंट
अभी तक जितने भी वैरिएंट आए हैं, डेल्टा उनमें सबसे तेज़ी से फैल रहा है। हालांकि, अल्फा वैरिएंट भी काफी संक्रामक है, लेकिन डेल्टा इससे 60 प्रतिशत ज़्यादा संक्रामक है। डेल्टा से मिलते-जुलते कप्पा वैरिएंट भी वैक्सीन को चकमा देने में कामयाब देखा गया है, लेकिन फिर भी यह बहुत अधिक नहीं फैला, जबकि डेल्टा वेरिएंट सुपर-स्प्रेडर साबित हो रहा है।